बिगडा हुआ है सुशांत सिंह क्राइम सीन, CBI के सामने बडी चुनौतियाँ

★ सुशांत केस में CBI के सामने तीन चुनौतियां
★ सीबीआई को ढूंढने होंगे कुछ अहम सवालों के जवाब
★ दायरे में आ सकते हैं कई बडे नाम

हिन्द सागर ब्यूरो। काफी रसाकशी के बाद पहुँचे सुशांत सिंह मामले मे केंद्रीय जाँच ब्यूरो के सामने कई मुश्किलें हैं। यूं तो CBI की टीम इस मामले में शानदार और बहुत प्रोफेश्नल तरीके से काम कर रही है, फिर भी आपको समझते हैं कि CBI के सामने इस केस में कौन-सी मुश्किलें आ सकती हैं…

सुशांत सिंह मौत के राज से धीरे धीरे पर्दा उठाने के लिए यूं तो CBI तेजी से जांच कर रही है। लेकिन सीबीआई के सामने 3 चुनौतियां ऐसी हैं जिनसे पार पाना देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी के लिए मुश्किल होगा।

सुशांत केस में CBI के सामने तीन चुनौतियां
पहली चुनौती : सुशांत की मौत को 60 से ज्यादा दिन बीत गए हैं. क्राइम सीन पर सबूत लगभग मिट चुके होंगे, ऐसे में सबूत जुटाना मुश्किल होगा.
दूसरी चुनौती : मुंबई पुलिस का पूरा रिकॉर्ड मराठी भाषा में है और उसे मराठी से इंग्लिश में ट्रांसलेशन कराने में लंबा वक्त लग सकता है. इनमें 56 गवाहों के बयान भी शामिल हैं.
तीसरी चुनौती : सुशांत की मौत का कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं है. सिर्फ एक आदमी है जिसने डेड बॉडी को लटके देखा और उसने भी डेड बॉडी उतार दी. ऐसे में डेड बॉडी कहां और कैसे लटकी हुई थी उसके पैर कहां पर थे, इन बातों को समझने के लिए भी सीबीआई को मशक्कत करनी पड़ेगी.
सीबीआई की जांच बिहार पुलिस की एफआईआर पर आधारित है. इसमें आत्महत्या के लिए उकसाने, धोखाधड़ी और साजिश रचने का मुकदमा दर्ज किया गया था. उस एफआईआर में आईपीसी की धारा 341, 348, 380, 406, 420, 306 और 120बी शामिल हैं.

सीबीआई को जिन सवालों के जवाब ढूंढने हैं वो हैं

  • सुशांत सिंह राजपूत की मौत खुदकुशी है या मर्डर? दोनों के पीछे का कारण क्या हैं?
  • सुशांत की मौत में रिया, उनके परिवार, बॉलीवुड से जुड़े लोग और उनके घर पर काम करने वाले लोगों की क्या भूमिका थी?
  • पैसों के लेन-देन, कमाई और सुशांत के पिता द्वारा लगाये आरोपों की जांच करना
  • सुशांत की बीमारी, उनके डिप्रेशन की थ्योरी और उनके डॉक्टर्स के दावों की पड़ताल करना. पिता ने डॉक्टर्स पर भी संदेह जताया है.
  • पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की सच्चाई को परखना और फॉरेंसिक रिपोर्ट से इसका मिलान करना.
  • कॉल डिटेल्स की पड़ताल और इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के सहारे इस केस की तह तक जाने का प्रयास किया जाएगा.
    14 जून का पूरा सच देश के सामने लाना CBI के लिए अब एक चुनौती है. केस की जांच के साथ अब CBI की विश्वसनीयता भी जुड़ गई है क्योंकि सुशांत की मौत में जब तक बहुत सारे सवालों के जवाब लोगों को नहीं मिल जाते तब तक सुशांत का जाना सवालों के घेरे में ही रहेगा। मामला सीबीआई के हाथ मे जाने से कई बडे नाम सामने आने का संंकेत दिखाई दे रहा है।