नौनिहालों के आहारो में भी जारी है घटतौली

हिन्द सागर बस्ती। राशन वितरण की धांधली अब भी नहीं थम रही सरकार के स्वच्छ प्रशासन देने का संकल्प गला माफियाओं के आगे बौना पड़ रहा है । इन माफियाओं की दरिंदगी कुपोषित और गरीब परिवार के नौनिहालों को भी नहीं बख्श रही हैं ऐसा ही एक मामला बस्ती के साऊंघाट ब्लॉक अंतर्गत लोहरौली ग्राम सभा के गोबरहिया में देखने को मिला है।
यहां के आंगनबाड़ी केन्द्र को धात्री,गर्भवती, कुपोषित बच्चों एवं छः साल से कम के बच्चों में वितरण हेतु दो कुन्तल 26किलोग्राम 88ग्राम गेहूं एवं 1कुन्तल 99किलोग्राम50ग्राम का आवंटन हुआ है।जिसके वितरण हेतु4 बोरा(2कु०)14किग्रा गेहूँ तथा4 बोरिया चावल(2कुन्तल) चावल प्राप्त हुआ। आंगनबाड़ी संतोषी शुक्ला का कहना के 12 किलो 12 किलो के सार्टेज को कैसे पूरा किया जाए जाहिर है के वितरण व्यवस्था में बाद वाले का हक मारा जाएगा।
पूरे प्रकरण में जब इस घटतौली के मूल कारणों की जानकारी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के विक्रेता राजू शुक्ला से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि
मुझ पर लगाया जा रहा है।यह आरोप बेबुनियाद और गलत है। कोटेदार राजू शुक्ला ने बताया कि जब मुझे खाद्यान्न हीं 50 बोरे के पैक की मात्रा को 52 किलो के रूप में रिसीव कराई जाती है। तो मेरा क्या दोष। मैं जैसे ही पाया वैसे आंगनबाड़ी को रिसीव करा दिया। को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की वितरण व्यवस्था पूरी तरीके से पारदर्शी है।
जबकि इसी गांव के निवासी अंतोदय कार्ड धारक मुरता देवी पत्नी कैलाश दुखी स्वरों में कहां 8 परिवारों पर पहले 35 किलो राशन मिलता था पिछले 3 महीने से 25 किलो राशन मिलता है कोटेदार राजू शुक्ला से जब इस विषय में इन्होंने जानकारी हासिल करने की कोशिश की तो उन्होंने बताया कि निशुल्क राशन 25 किलो ही मिलेगा कुछ इसी प्रकार की बात नीलम पत्नी जय लाल ने बताया कि मेरा कार्ड पात्र गृहस्थी का है परिवार में पांच बेटी दो बेटे और दो बेटियां हैं जिनमें एक की शादी कर चुका हूं पिछले 3 महीने से 35 किलो राशन ₹140 में मिलता है हमारे गांव की दुकान पर चीनी वितरण कभी हुआ ही नहीं जय लाल ने खुद मीडिया से जानना चाहा कि क्या सर कंट्रोल की दुकान पर चीनी नहीं मिलता संतलाल ने आरोप लगाया कि उन्हें राशन मिलता ही नहीं है