राजस्थान रोडवेज की सहायक यातायात निरीक्षक व परिचालक रिश्वत लेते गिरफ्तार

उदयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) चितौड़गढ़ की टीम ने शुक्रवार को राजस्थान रोडवेज की सहायक यातायात निरीक्षक तथा उसके लिए रिश्वत लेने वाले परिचालक को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। सहायक यातायात निरीक्षक के मासिक बंदी लिए जाने के आरोप को लेकर भी जांच की जा रही है। ब्यूरो की टीम दोनों के चितौड़गढ़ स्थित घरों की तलाशी ले रही है। चितौड़गढ़ में नियुक्त सहायक यातायात निरीक्षक शीला चावला ने परिचालक महेन्द्रसिंह राठौड के जरिए रिश्वत के ढाई हजार रुपये लिए थे। ब्यूरो टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार करने के बाद शीला चावला को भी गिरफ्तार कर लिया था। जिसके खिलाफ राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम चितौड़गढ़ में कार्यरत परिचालक रमेश चंद्र जोशी ने शिकायत की थी।

जिसमें बताया कि रूट पर चलने तथा कार्रवाई नहीं करने के एवज में सहायक यातायात निरीक्षक शीला चावला ने हर माह छह हजार रुपये मासिक बंधी की मांग की थी। जिसकी शिकायत उसने एसीबी से की थी। गत 19 अगस्त को शिकायत के सत्यापन के दौरान शीला चावला तीन हजार पांच सौ रुपये ले चुकी थी। बाकी के ढाई हजार रुपये लेने के लिए शुक्रवार को बुलाया था। बताया गया कि अजमेर मूल की सहायक यातायात निरीक्षक शीला चावला चितौड़गढ़ की नगर पालिका काॅलोनी में किराए से रहती है। इसी काॅलोनी में परिचालक महेंद्र सिंह भी रहता है, जो शीला चावला के लिए रिश्वत राशि लेने का काम भी करता है। उनके घरों की तलाशी ली जा रही है।

उदयपुर में पटवारी गिरफ्तार 

उदयपुर जिले के खेरवाडा उपखंड के थाणा पटवार मंडल के पटवारी प्रदीप कुमार मीणा को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बांसवाडा की टीम ने गिरफ्तार किया है। उसने नामांतरण खुलवाने व नक्शा की प्रतिलिपि देने के एवज में आठ हजार रुपये की रिश्वत ली थी। जिसके खिलाफ किसान अर्जुन सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। अपने दादाजी के निधन के बाद उसने पैतृक भूमि के रूपान्तरण तथा प्रतिलिपि के पटवार मंडल में आवेदन किया था। जिसके एवज में उसने आठ हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। एसीबी ने चार बार उसकी रंगे हाथ गिरफ्तारी के प्रयास किए, लेकिन हर बार वह बच निकला। उदयपुर जिला कलक्टर की मंजूरी लेनेके बाद ब्यूरो ने उसे गिरफ्तार कर लिया।