दिन-दहाड़े वन विभाग की आंखों में धूल झोंकते हुए हरे-भरे पेड़ों की हत्या , तीसरी नोटिस के बाद भी विपक्ष पक्षकार उपस्थित नहीं ।

  • दिन-दहाड़े वन विभाग की आंखों में धूल झोंकते हुए हरे-भरे पेड़ों की हत्या , तीसरी नोटिस के बाद भी विपक्ष पक्षकार उपस्थित नहीं ।

कल्याण : कल्याण ग्रामीण क्षेत्र में इन दिनों भू-माफिया नकली किसान बनकर सरकारी ज़मीनों की खरीद-फरोख्त का कारोबार धड़ल्ले से कर रहे हैं। ज़मीन खरीदने के बाद वे बिना किसी रोकटोक के सरकारी नियमों की धज्जियाँ उड़ाकर, दिन-दहाड़े वन विभाग की आंखों में धूल झोंकते हुए हरे-भरे पेड़ों की हत्या कर रहे हैं। भू-माफियाओं पर तत्काल कार्रवाई करने की बजाय वन विभाग केवल कागज़ी खानापूर्ति करता दिखाई दे रहा है। 2 जून 2025 को इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता विशाल गुप्ता ने पेड़ों की कटाई को लेकर वन विभाग और पुलिस विभाग को लिखित शिकायत दी थी। परहित चैरिटेबल सोसायटी के अध्यक्ष विशाल कुमार गुप्ता ने 2 जून 2025 को कल्याण वन विभाग, टिटवाला पुलिस स्टेशन तथा पर्यावरण से संबंधित अन्य विभागों को भी शिकायत सौंपी थी। एक माह बीतने के बावजूद अभी तक दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। आश्चर्य की बात यह है कि भू-माफिया वन विभाग की नोटिसों को कोई महत्व नहीं दे रहे हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे वे नोटिसों को कचरे में फेंक दे रहे हों। विशाल कुमार गुप्ता ने बताया कि कल्याण ग्रामीण परिसर के कांबा ग्राम पंचायत की सीमा में सर्वे नंबर 77 के अंतर्गत आने वाली ज़मीन पर खड़े लगभग 70 से 80 हरे-भरे पेड़ों को जेसीबी मशीन द्वारा उखाड़कर फेंक दिया गया। स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किए जाने पर उन्हें धमकाकर भगा दिया गया। पेड़ काटने वालों में रामकिशोर खुबचंदानी और संजय शाह अँड कंपनी के नाम सामने आए हैं। कल्याण के वन अधिकारी श्री शिंदे ने बताया कि जिस स्थान पर पेड़ों की कटाई हुई, उसका विभागीय दौरा किया गया है। बिना अनुमति के पेड़ काटे गए हैं। उस स्थान का पंचनामा बनाकर कल्याण वन परिमंडल अधिकारी निलेश आखाडे को रिपोर्ट सौंपी गई है। मामले को वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु रखा गया है। एक नोटिस पर शिकायतकर्ता विशाल कुमार गुप्ता उपस्थित हुए, परंतु विपक्ष उपस्थित नहीं हुआ। अब दूसरी नोटिस भेजी गई है। यदि तीसरी नोटिस के बाद भी विपक्ष पक्षकार उपस्थित नहीं हुआ तो पेड़ काटने जैसे जघन्य अपराध के अंतर्गत नियमानुसार सख़्त क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी।