21 सितंबर से 40 क्लोन ट्रेनें चलाई जाएंगी,

10 दिन पहले टिकट बुक हो सकेगा; किराया हमसफर एक्सप्रेस के बराबर होगा

  • वेटिंग लिस्ट की परेशानी से निजात दिलाने के लिए रेल मंत्रालय ने क्लोन ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है
  • जिन ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लंबी होगी, उसके लिए एक और ट्रेन चलाई जाएगी, इसे ही क्लोन ट्रेन नाम दिया गया है

इंडियन रेलवे 21 सितंबर से 40 क्लोन ट्रेनें चलाने जा रहा है। इन ट्रेनों का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। वेटिंग लिस्ट की परेशानी से निजात दिलाने के लिए रेल मंत्रालय ने क्लोन ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है। ये सर्विस श्रमिक और स्पेशल ट्रेनों के अलावा होंगी। इनमें से 38 ट्रेनों का किराया हमसफर एक्सप्रेस के बराबर होगा।

लखनऊ और दिल्ली के बीच चलने वाली दो क्लोन ट्रेनों में सफर करने के लिए जनशताब्दी एक्सप्रेस के बराबर किराया देना होगा। इन ट्रेनों में 10 दिन पहले टिकटें बुक कराई जा सकेंगी। इनका स्टॉपेज भी सीमित होगा। ये सिर्फ रूट में आने वाले ऑपरेशनल हॉल्ट और डिविजनल हेडक्वार्टर्स पर रुकेंगी। इन ट्रेनों के लिए टिकटों की बुकिंग 19 सितंबर से शुरू होगी।

क्या है क्लोन ट्रेन?

जिन ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लंबी होगी, उसके लिए एक और ट्रेन चलाई जाएगी। इसे ही क्लोन ट्रेन नाम दिया गया है। ये क्लोन ट्रेन, एक्चुअल ट्रेन से पहले चलेगी, ताकि ज्यादातर यात्रियों को जगह मिल सके।

कोरोना के कारण यात्री ट्रेन सेवाएं फिलहाल निलंबित

कोरोना महामारी के कारण इस समय सभी यात्री ट्रेन सेवाएं निलंबित हैं। इसके बाद रेल मंत्रालय ने पहले कई श्रमिक स्पेशल ट्रेन सेवाओं के साथ-साथ आईआरसीटीसी स्पेशल ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की थी। अभी देश में 310 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

1 मई से चलाई गई थीं श्रमिक स्पेशल ट्रेनें

रेलवे ने श्रमिकों के लिए 1 मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई थीं। इनके जरिए देश भर के श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाया गया था। रेलवे ने बताया था कि श्रमिक ट्रेनों का 85% खर्च केंद्र ने उठाया। 15% खर्च किराए के रूप में राज्यों ने वहन किया। इसके बाद रेलवे ने 12 मई से 15 जोड़ी एयर कंडीशन ट्रेनें और 1 जून से 100 जोड़ी टाइम टेबल्ड ट्रेनें चलाने का फैसला किया था। वहीं रेलवे ने 12 सितंबर से 40 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाई थीं।