ठाणे क्षेत्र में आईटी डेटा सेंटर को बढ़ावा देने और फार्मा उद्योग के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए कदम उठाए : उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
ठाणे : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्योग विभाग को निर्देश दिया है कि वह ठाणे क्षेत्र में आईटी डेटा सेंटर को बढ़ावा देने और फार्मा उद्योग के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए कदम उठाए, ताकि एपीआई यानी एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडियंट उद्योग को और अधिक प्रोत्साहन मिल सके। मंत्रालय में उपमुख्यमंत्री के समिति कक्ष में महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन यानी MITRA की पहल पर ठाणे क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में MITRA के सीईओ प्रविण परदेशी, उपमुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव असीम गुप्ता, प्रधान सचिव नवीन सोना, ऊर्जा विभाग की अपर मुख्य सचिव आभा शुक्ला, गृहनिर्माण विभाग की अपर मुख्य सचिव वल्सा नायर, जल आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव संजय खंदारे, आईटी विभाग के प्रधान सचिव पराग जैन नैणूटिया, उद्योग विभाग के सचिव पी. अनबलगन, एमआईडीसी के सीईओ पी. वेलारासू और ठाणे महापालिका आयुक्त सौरभ राव समेत कई अधिकारी मौजूद थे। इससे पहले मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के अंतर्गत ठाणे विकास परिषद का आयोजन ‘मित्रा’ के माध्यम से किया गया था, जहां विभिन्न विकास योजनाओं पर चर्चा हुई थी। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने इस बैठक में उन चर्चाओं का फॉलोअप लिया। आईटी एवं डेटा सेंटर को बढ़ावा बैठक में प्रमुख रूप से ठाणे और नवी मुंबई में आईटी एवं डेटा सेंटर को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इसके लिए एमआईडीसी में विशेष भूमि आवंटित कर एक समर्पित डेटा सेंटर पार्क विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। उपमुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग को निर्देश दिया कि वह डेटा सेंटर पार्क के लिए अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया जल्द शुरू करें।इसके अलावा, ठाणे क्षेत्र में पहले से मौजूद फार्मा उद्योग को और मजबूती देने के लिए एपीआई (Active Pharmaceutical Ingredient) क्षेत्र को विशेष रियायतें देने की मांग की गई। इस पर चर्चा हुई कि ड-कैटेगरी उद्योगों को दी जाने वाली सब्सिडी एपीआई उद्योगों पर भी लागू होनी चाहिए और एमआईडीसी को एपीआई कंपनियों के लिए भूमि उपलब्ध करानी चाहिए। इसके साथ ही, मुंबई महानगर क्षेत्र में 30 लाख नए घरों के निर्माण की योजना पर भी बैठक में विचार किया गया। यह पहल मुंबई और ठाणे क्षेत्र में बढ़ती आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए की जा रही है।